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कम लागत में खेती की मशीनों की बेहतर देखभाल कैसे करें

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By Tractor GyanJan 23, 2026 12:45 PM
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खेती की मशीनें आज हर किसान की ज़रूरत बन चुकी हैं। ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर या स्प्रे मशीन—इनके बिना समय पर खेती करना मुश्किल है। लेकिन समस्या तब आती है जब मशीनें जल्दी खराब होने लगती हैं और मरम्मत पर भारी खर्च बैठ जाता है। सच्चाई यह है कि सही देखभाल से मशीनों की उम्र भी बढ़ाई जा सकती है और खर्च भी कम रखा जा सकता है।
यह लेख उन्हीं आसान तरीकों पर आधारित है, जिन्हें कोई भी किसान बिना ज्यादा पैसा लगाए अपना सकता है।

मशीनों की देखभाल क्यों जरूरी है

कई किसान मशीन तभी याद करते हैं जब वह खराब हो जाए। यही सबसे बड़ी गलती होती है।

अगर समय पर छोटी-छोटी जांच कर ली जाए तो:

  • अचानक खराबी से बचा जा सकता है
  • काम के मौसम में रुकावट नहीं आती
  • ईंधन की खपत कम रहती है
  • मशीन कई साल ज़्यादा चलती है

खेती की मशीनों की देखभाल करने के कुछ आसान तरीके

खेती की मशीनों की सही देखभाल करना कोई महंगा या मुश्किल काम नहीं है। अगर किसान रोज़मर्रा की कुछ सरल आदतें अपना लें, तो मशीनें लंबे समय तक सही हालत में चलती रहती हैं और बेवजह के खर्च से बचाव होता है। नीचे ऐसे ही आसान और काम के तरीके बताए गए हैं, जिन्हें हर किसान आसानी से अपना सकता है।

रोज़ के इस्तेमाल के बाद सफाई की आदत डालें

मशीन की देखभाल का सबसे सस्ता तरीका है—सफाई। काम खत्म होने के बाद मिट्टी, फसल के अवशेष और धूल अगर वैसे ही लगे रह जाएं, तो वही जंग और टूट-फूट की वजह बनते हैं।

क्या करें:

  • ट्रैक्टर और औजारों को सूखे कपड़े या पानी से साफ करें
  • खासकर मूविंग पार्ट्स से मिट्टी हटाएं
  • बारिश में काम के बाद मशीन को सुखाना न भूलें

यह काम 10–15 मिनट का है, लेकिन हजारों रुपये बचा सकता है।

समय पर ग्रीस और तेल लगाना न भूलें

कई खराबियां सिर्फ इसलिए होती हैं क्योंकि ग्रीस या तेल समय पर नहीं लगाया गया। बिना चिकनाई के पार्ट्स आपस में घिसते हैं और जल्दी खराब होते हैं।

ध्यान रखें:

  • हर 7–10 दिन में ग्रीस पॉइंट चेक करें
  • इंजन ऑयल का स्तर नियमित देखें
  • जरूरत से ज्यादा या बहुत सस्ता तेल इस्तेमाल न करें

यह खर्च छोटा होता है, लेकिन असर बड़ा।

रोज़ की छोटी जांच बड़ी खराबी से बचाती है

हर दिन मशीन चलाने से पहले 5 मिनट का निरीक्षण काफी है।

जांच में क्या देखें:

  • कहीं से तेल या डीज़ल का रिसाव तो नहीं
  • बोल्ट-नट ढीले तो नहीं
  • टायर में हवा सही है या नहीं
  • अजीब आवाज़ या कंपन तो नहीं आ रहा

अगर शुरुआत में ही समस्या पकड़ ली जाए, तो मरम्मत सस्ती पड़ती है।

मौसम के हिसाब से मशीनों का ध्यान रखें

हर मौसम मशीन पर अलग असर डालता है।

गर्मी में:

  • इंजन ज़्यादा गरम न होने दें
  • रेडिएटर साफ रखें

सर्दी में:

  • सुबह इंजन स्टार्ट करने से पहले थोड़ा वार्म-अप दें
  • बैटरी कनेक्शन चेक करें

बरसात में:

  • मशीन को खुले में न छोड़ें
  • जंग से बचाने के लिए सूखी जगह रखें

मौसम के हिसाब से देखभाल करने से मशीन की लाइफ बढ़ती है।

सही तरीके से मशीन को खड़ा (स्टोर) करें

जब मशीन कुछ दिनों तक इस्तेमाल में न हो, तब भी देखभाल जरूरी है।

सही तरीका:

  • समतल जमीन पर मशीन खड़ी करें
  • धूप और बारिश से बचाने के लिए तिरपाल ढकें
  • लंबे समय के लिए खड़ी हो तो बैटरी अलग कर दें

गलत स्टोरेज से मशीन बिना चले ही खराब हो जाती है।

लोकल मैकेनिक से समय-समय पर जांच कराएं

हर बार बड़ी सर्विस की जरूरत नहीं होती। गांव या पास के कस्बे में मौजूद अनुभवी मैकेनिक से समय-समय पर सामान्य जांच करा लेना काफी होता है।

फायदा:

  • छोटी खराबी पहले ही पकड़ में आ जाती है
  • महंगे पार्ट बदलने की नौबत नहीं आती
  • भरोसेमंद सलाह मिलती है

ओरिजिनल और सही पार्ट्स का इस्तेमाल करें

सस्ते के चक्कर में बहुत घटिया पार्ट लगाने से नुकसान ज़्यादा होता है।  जरूरी नहीं कि हर पार्ट महंगा ही हो, लेकिन सही साइज और गुणवत्ता वाला होना चाहिए।

याद रखें:

  • गलत पार्ट से दूसरी चीज़ें भी खराब हो सकती हैं
  • बार-बार बदलने का खर्च बढ़ जाता है

ड्राइवर की आदतें भी खर्च बढ़ाती या घटाती हैं

मशीन कैसे चलाई जाती है, यह उसकी हालत पर सीधा असर डालता है।

अच्छी आदतें:

  • ज़रूरत से ज्यादा तेज न चलाएं
  • अचानक ब्रेक और तेज एक्सेलेरेशन से बचें
  • ओवरलोडिंग न करें
  • गलत चलाने से सबसे अच्छी मशीन भी जल्दी जवाब दे देती है।

निष्कर्ष

कम लागत में खेती की मशीनों की बेहतर देखभाल कोई मुश्किल काम नहीं है। सफाई, समय पर तेल-ग्रीस, रोज़ की छोटी जांच और सही इस्तेमाल—बस यही चार चीज़ें अगर आदत बन जाएं, तो मशीन सालों तक बिना बड़ी परेशानी के चल सकती है। किसान अगर थोड़ा समय और ध्यान मशीनों को दे, तो मरम्मत का खर्च अपने आप कम हो जाता है। यही समझदारी असली बचत है।

क्यों भरोसा करें Tractor Gyan पर?

Tractor Gyan किसानों की असली जरूरतों को समझकर साफ और भरोसेमंद जानकारी देता है। यहाँ दी गई सलाह खेतों के वास्तविक अनुभवों पर आधारित होती है, न कि केवल कागज़ी बातों पर। इसी कारण किसान सही निर्णय लेने के लिए Tractor Gyan पर भरोसा करते हैं।

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Frequently Asked Questions About कम लागत में खेती की मशीनों की बेहतर देखभाल कैसे करें

अगर मशीनों की सफाई, तेल-ग्रीस और छोटी जांच समय पर होती रहे, तो बड़ी मरम्मत की जरूरत बहुत कम पड़ती है। इससे सालाना मरम्मत खर्च 30–40% तक कम हो सकता है, खासकर ट्रैक्टर और भारी औजारों में।

सबसे बड़ी लापरवाही है गंदगी को नजरअंदाज करना और तेल-ग्रीस समय पर न बदलना। यही दो बातें धीरे-धीरे इंजन, बेयरिंग और गियर को खराब कर देती हैं, जिसकी भरपाई महंगे रिपेयर से होती है।

हाँ, पुराने ट्रैक्टरों में तो देखभाल और भी ज़रूरी होती है। सही ऑयल, नियमित ग्रीसिंग, ढीले पार्ट्स की जांच और सही चलाने की आदत से पुरानी मशीनें भी लंबे समय तक भरोसेमंद बनी रहती हैं।

अगर मशीन से नई आवाज़ आए, ज्यादा कंपन हो, धुआँ बदले रंग का निकले, या तेल की खपत अचानक बढ़ जाए—तो यह संकेत हैं कि कहीं न कहीं समस्या शुरू हो चुकी है। ऐसे संकेत दिखते ही जांच कराना चाहिए।

लंबे समय तक खड़ी करने से पहले मशीन को अच्छे से साफ करें, इंजन ऑयल और कूलेंट चेक करें, बैटरी अलग करें और मशीन को सूखी व छायादार जगह पर ढककर रखें। इससे जंग और बैटरी खराब होने से बचाव होता है।

संतुलित गति, सही गियर का इस्तेमाल, ओवरलोड से बचाव और अचानक ब्रेक न लगाना मशीन पर दबाव कम करता है। इससे इंजन और ट्रांसमिशन सुरक्षित रहते हैं और मशीन कई साल अतिरिक्त चलती है।

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