पराली प्रबंधन के लिए किसानों को मिलेंगी 46,000 से अधिक मशीनें

पराली प्रबंधन के लिए किसानों को मिलेंगी 46,000 से अधिक मशीनें image

टेबल ऑफ कंटेंट

परली की समस्या से निपटने के लिए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव जी ने नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की।  इस बैठक का मकसद किसानों के बीच परली का सही प्रबंधन करने से जुड़ी सभी बातों के बारे में किसानो जागरूक करना था और सरकार के द्वारा प्रणाली प्रबंधन की दिशा में उठाने वाले नियमों के बारे में जानकारी  देना था।  

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत 544.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें से 272.07 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है।

46,000 से ज्यादा मशीनें बांटने का लक्ष्य

पराली  के सही प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने इस साल 46,000 से अधिक फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें किसानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।  इसके साथ ही सरकार ने 910 कस्टम हायरिंग सेंटर भी बनाए हैं जिनकी मदद से जो किसान मशीनों को नहीं खरीद सकते किराए पर लेकर पराली जलाने के बदले उसका सही से प्रबंध करना सीख सके ।

  • सरकार 141 पराली सप्लाई चेन प्रोजेक्ट भी शुरू करेगी। इससे पराली का सही उपयोग हो सकेगा।
  • इन मशीनों की मदद से किसान पराली को जलाने के बजाय खेत में ही उसका सही प्रबंधन कर पाएंगे

अब तक 3.54 लाख मशीनें दी गईं

फसल अवशेष प्रबंधन योजना की शुरुआत साल 2018-19 में हुई थी। तब से अब तक केंद्र सरकार ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ICAR को 4,266.47 करोड़ रुपये की सहायता दी है।

इस मदद से 3.54 लाख से अधिक मशीनें दी गई हैं। साथ ही 43,500 से ज्यादा कस्टम हायरिंग सेंटर बनाए गए हैं।

पराली जलाने से मिट्टी और सेहत को नुकसान

कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पराली जलाना किसानों, मिट्टी और लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक है।

  • पराली जलाने से खेत की मिट्टी कमजोर होती है। मिट्टी में मौजूद अच्छे कीड़े मर जाते हैं। इससे फसल की पैदावार पर भी असर पड़ सकता है।
  • पराली जलाने से वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि सरकार पराली को समस्या नहीं, बल्कि एक उपयोगी संसाधन बनाना चाहती है।

उद्योगों में होगा पराली का इस्तेमाल

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि पराली का उपयोग खेत के बाहर कैसे किया जाए।सरकार पराली का इस्तेमाल बायोमास पावर प्लांट, कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, इथेनॉल प्लांट और पेलेट बनाने वाली यूनिट्स में बढ़ावा देगी। इससे पराली का बाजार बनेगा। किसानों को भी पराली से कमाई का नया रास्ता मिल सकता है।

NCR में बढ़ेगी निगरानी

  • पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए NCR में निगरानी बढ़ाई जाएगी।
  • NCR के 14 जिलों की कम से कम 70 तहसीलों में “पराली सुरक्षा बल” काम करेगा।
  • यह बल पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखेगा और उन्हें रोकने में मदद करेगा।
  • राज्यों से कहा गया है कि वे अगस्त 2026 से पहले मशीनों का वितरण पूरा करें। साथ ही कस्टम हायरिंग सेंटर को बेहतर बनाएं और किसानों को जागरूक करें।

कम समय में तैयार होने वाली धान की किस्मों को बढ़ावा

बैठक में कम समय में तैयार होने वाली और कम पानी लेने वाली धान की किस्मों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

इन किस्मों से धान की कटाई जल्दी हो सकती है। इससे किसानों को धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच ज्यादा समय मिलेगा। इस अतिरिक्त समय में किसान पराली जलाने के बजाय उसका सही तरीके से प्रबंधन कर सकेंगे।

सरकार ICAR और राज्य कृषि संस्थानों के साथ मिलकर लंबे समय वाली धान की किस्मों को कम करने और बेहतर किस्मों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है।

किसानों को जागरूक किया जाएगा

श्री चौहान ने कहा कि किसानों को पराली प्रबंधन के अच्छे तरीकों के बारे में जानकारी देनी जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिन खेतों में पराली को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाया गया, वहां धान की पैदावार अच्छी देखी गई है। उन्होंने राज्यों में डायरेक्ट सीडेड राइस तकनीक को बढ़ावा देने की जरूरत भी बताई।

ट्रैक्टर ज्ञान क्यों?

ट्रैक्टर ज्ञान किसानों के लिए भारत का भरोसेमंद एग्री-टेक प्लेटफॉर्म है। यहां किसान नए ट्रैक्टर मॉडल, सरकारी योजनाओं, खेती की नई तकनीकों और कृषि से जुड़ी ताजा जानकारी आसान भाषा में पढ़ सकते हैं।

और ब्लॉग पढ़ें

Why Sonalika Tiger DI 60 is a popular choice among Indian farmers? image

The Sonalika Tiger DI 60 is one of the popular choices when it comes to buying a tractor that is suitable for farming, haulage, and heavy implements. It delivers strong power in all kinds of field conditions. Let’s explore why farmers love...

Seeders vs Planters: Features, uses & benefits compared image

If you've ever stood in a field scratching your head over whether to go with a seeder or a planter, you're not alone. These two implements get mixed up all the time, but they're actually built for different jobs. Let's see how.

टॉप 10 सेकंड हैंड फार्मट्रैक ट्रैक्टर कीमतों के साथ image

खेती-किसानी में ट्रैक्टर के बिना गुज़ारा नहीं है, यह बात हम सब जानते हैं। लेकिन महंगाई के इस दौर में नया ट्रैक्टर खरीदना हर किसान के बजट में फिट नहीं बैठता। कभी ज़मीन छोटी होती है तो कभी जेब की तंगी आड़े...

इसके बारे में अपनी टिप्पणी लिखें पराली प्रबंधन के लिए किसानों को मिलेंगी 46,000 से अधिक मशीनें

+91
Review Image

ट्रैक्टर और कृषि से जुड़े सबसे अधिक खोजे जाने वाले ब्लॉग्स

ट्रैक्टर-iconट्रैक्टरइम्प्लीमेंट-iconइम्प्लीमेंटटायर-iconटायरट्रैक्टर लोन-iconट्रैक्टर लोन-icon