सेकंड हैंड पावर टिलर खरीदते समय किन 7 बातों का रखें ध्यान?

सेकंड हैंड पावर टिलर खरीदते समय किन 7 बातों का रखें ध्यान? image

टेबल ऑफ कंटेंट

छोटे किसानों के लिए पावर टिलर किसी वरदान से कम नहीं है। लेकिन नया खरीदने जाओ तो जेब पर भारी पड़ता है, इसीलिए बहुत से किसान भाई पुराना (सेकंड हैंड) टिलर खरीदने का सोचते हैं। कम बजट में काम भी चल जाता है और पैसे भी बच जाते हैं। पर भाई, सस्ते के चक्कर में बिना जांचे-परखे मशीन ले ली, तो बाद में रिपेयरिंग का खर्चा नया टिलर खरीदने जितना बैठ जाएगा! इसलिए पुराना टिलर खरीदते वक्त इन 7 बातों को गांठ बांध लें:

सेकंड हैंड पावर टिलर खरीदना क्यों फायदेमंद है?

सबसे बड़ा फायदा तो यही है कि कम बजट में भी काम की मशीन मिल जाती है। नए टिलर की कीमत जितनी होती है, उससे आधे या उससे भी कम दाम में पुराना टिलर मिल सकता है। खासकर छोटे किसानों के लिए यह ऑप्शन काफी प्रैक्टिकल साबित होता है, क्योंकि खेती के काम रुकने नहीं चाहिए और पैसा भी बचाना जरूरी है।

सेकंड हैंड पावर टिलर खरीदने से पहले किन 7 बातों का ध्यान रखें? 

1. इंजन की आवाज़ और धुआँ परखें

ट्रैक्टर हो या टिलर, उसका दिल उसका इंजन होता है। इंजन को स्टार्ट करके देखें कि उसकी आवाज़ कैसी है। अगर अजीब सा शोर आ रहा है या बहुत ज़्यादा काला/सफेद धुआँ निकल रहा है, तो समझ जाओ कि इंजन अंदर से कमज़ोर हो चुका है।

2. मशीन की उम्र और घंटे पूछें

विक्रेता से सीधे पूछें कि टिलर कितने साल पुराना है और अब तक कितने घंटे चल चुका है। ज़्यादा पुरानी और घिसी-पिटी मशीन बार-बार धोखा देगी, इसलिए कम चली हुई और अच्छी कंडीशन वाली मशीन ही चुनें।

3. टायरों की हालत देख लें

खेत में टिलर चलाने के लिए टायरों का मजबूत होना बहुत ज़रूरी है। अगर टायर घिसे हुए हैं या उनमें क्रैक आए हुए हैं, तो खरीदते ही आपको नए टायर डलवाने का खर्चा उठाना पड़ जाएगा।

4. रोटावेटर और ब्लेड चेक करें

यह वो हिस्से हैं जो सीधे मिट्टी में काम करते हैं। ब्लेड मुड़े हुए तो नहीं हैं, या उनपर ज़्यादा जंग तो नहीं लगी है? इन्हें चेक करना बेहद ज़रूरी है, वरना खेत की जुताई ठीक से नहीं होगी।

5. स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता 

कई बार लोग बहुत पुराना या रेयर मॉडल खरीद लेते हैं, जिसके पार्ट्स बाज़ार में मिलते ही नहीं। इसलिए पहले ही पता कर लें कि उस मॉडल के स्पेयर पार्ट्स आसानी से और सही दाम पर मिल जाएंगे या नहीं।

6. डॉक्यूमेंट्स ज़रूर जांचें

बिना कागजात के मशीन कभी न खरीदें। असली बिल, आरसी या जो भी ज़रूरी कागजात हों, उनकी जांच अच्छे से कर लें ताकि बाद में पुलिस या मालिकाना हक को लेकर कोई प्रॉब्लम ना हो।

7. खेत में चलाकर देखें

सिर्फ खड़े-खड़े देखने से काम नहीं चलेगा। टिलर को खेत में चलाकर देखें कि गियर ठीक से लग रहे हैं या नहीं और पावर कैसी मिल रही है। टेस्ट ड्राइव से असली कमियां तुरंत सामने आ जाती हैं।

सही सेकंड हैंड पावर टिलर कैसे चुनें?

कीमत की तुलना अलग-अलग विक्रेताओं से करें, ताकि सही दाम पर सौदा हो सके।
अपनी जरूरत के हिसाब से HP और मॉडल तय करें, ताकि टिलर आपके खेत के काम के लिए सही साबित हो।
किसी जानकार मैकेनिक को साथ ले जाना भी अच्छा आइडिया है, क्योंकि वो तकनीकी खराबियां तुरंत पकड़ लेते हैं। 

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह 

जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। एक ही दिन में, एक ही टिलर देखकर खरीदारी पक्की करने की बजाय, दो-तीन टिलर देखकर तुलना करें। भरोसेमंद विक्रेता या डीलर से ही खरीदें, क्योंकि वहां धोखे की संभावना कम रहती है। और हां, कीमत कम होने के लालच में क्वालिटी को नजरअंदाज बिल्कुल न करें।

ट्रैक्टर ज्ञान पर भरोसा क्यों करें?

ट्रैक्टर ज्ञान सिर्फ नए ट्रैक्टर या टिलर की जानकारी तक सीमित नहीं है, यहां किसानों को सही खरीदारी के फैसले लेने में मदद करने वाली हर जरूरी जानकारी मिलती है। चाहे नया हो या सेकंड हैंड, हर जानकारी रिसर्च करके अपडेट की जाती है, ताकि किसान भाई बिना किसी कन्फ्यूजन के सही मशीन चुन सकें। यही भरोसा है जो लाखों किसानों को ट्रैक्टर ज्ञान से जोड़े रखता है।

इसके बारे में अपनी टिप्पणी लिखें सेकंड हैंड पावर टिलर खरीदते समय किन 7 बातों का रखें ध्यान?

+91
Review Image

ट्रैक्टर और कृषि से जुड़े सबसे अधिक खोजे जाने वाले ब्लॉग्स

ट्रैक्टर-iconट्रैक्टरइम्प्लीमेंट-iconइम्प्लीमेंटटायर-iconटायरट्रैक्टर लोन-iconट्रैक्टर लोन-icon