देशभर में कृषि को उन्नत बनाने के लिए कृषि उपकरणों (Farm Equipment) का उपयोग किसानों के लिए बेहद जरुरी है. कृषि में उन्नत किस्मों की फसलों की पैदावार के लिए और ज्यादा लाभदायक खेती के लिए कृषि में जरूरत मशीनों की आवश्यकता
कृषि की लागत कम करने की तरफ सरकार ने अहम कदम बढ़ाया है। डीएपी खाद की बड़ी हुइ खुदरा कीमतों का प्रभाव किसानों पर ना पड़े इसके लिए सरकार ने भी सब्सिडी में भारी वृद्धि की है। जिसके बाद खाद की पुरानी
नमस्कार किसान भाइयों! ट्रैक्टरज्ञान में एक बार फिर से आपका स्वागत है। "सारे हंसी वायदे है बस कागजों पर, कोई जमीं पर उतरे तो बताना। अफवाहों से भरा पड़ा है गूगल- ए - आजम, कोई ' ट्रैक्टर ' सा चले तो बताना!"
सरकार छोटे और जरूरत मंद किसानों के लिए ट्रैक्टरों और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी देती हैं । कृषि उपकरणों को बढ़ावा देने वाले सब्सिडी का दुरुपयोग किया जा रहा है । आज हम आपको ब्लॉग के जरिए बताएंगे कहां और कैसे किया
आजकल खेती बिना मशीनों के कर पाना असंभव है, लेकिन प्रत्येक किसान खेती-बाड़ी में प्रयुक्त होने वाली मशीनों को नहीं खरीद सकता है। सरकार ने किराये पर मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने और ग्रामीणों को रोजगार के लिए फॉर्म मशीनरी बैंक का गांवों
India is an agricultural-based country. A major portion of our population is engaged in agriculture and therefore, it becomes the area of prime importance to give financial assistance through various mediums. The central government, as well as the state governments of different
कृषि के क्षेत्र में वृद्धि के लिए कृषि यंत्रों का उपयोग महतवपूर्ण है, लगातार उन्नत होती तकनीकों के इस्तेमाल से ही कृषि को ज्यादा सुविधाजनक और ज्यादा लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है। इसी तरह तकनीकी रूप से उन्नत कृषि यंत्र मल्चर
भारत में सरकार ने कृषि से जुड़े हर क्षेत्र के किसानों के लिए विभिन्न तरह की योजनाएं चला रखी हैं । परंतु जानकारी के अभाव में एक बहुत बड़ा कृषि वर्ग उनका फायदा लेने से वंचित रह जाते हैं । ऐसी ही
भारत में कृषि के विकास को लेकर सरकार द्वारा कई योजनाएं लाई गई हैं, लेकिन ट्रैक्टर के बिना कृषि क्षेत्र में विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। ऐसे में ट्रैक्टर की खरीद पर किसानों कि सहायता करने के लिए
भारतीय किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार एवं उनके लाभ को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार समय-समय पर सब्सिडी योजनाएं लाती रही है । चूंकि फसल की उत्पादकता में एक बड़ा हाथ बीज एवं उर्वरक का होता है । इसी कारण