Tractor Gyan Blogs

Home| All Blogs| अब हो गई पराली जलाने की झंझट खत्म!
SHARE THIS

अब हो गई पराली जलाने की झंझट खत्म!

    अब हो गई पराली जलाने की झंझट खत्म!

देश का अन्नदाता लगातार समस्याओ से जूझता ही रहता है अब सरकार ने चावल के अवशिष्ट(पराली) जलाने को लेकर किसानो के सामने बहुत बड़ी समस्या खडी कर दी है।

08 Nov, 2019

सरकार ने चावल के अवशिष्ट (पराली/Stubble burning) जलाने को लेकर बहुत ही सख्त निर्देश दिये गए है जिसमे फाइन का भी प्रावधान रखा गया है जिससे देश का हर एक किसान परेशान है।
आज के आधुनिक युग में कृषि क्षेत्र में जैसे जैसे नई तकनीक के साथ मशीनीकरण बड़ा है तो, इसका किसानो को फायदा भी हुआ है, इन मशीनों से किसानो के सामने कुछ नई समस्याए आती रही है उन मे से आज के समय जो किसानो के सामने सबसे बड़ी समस्या उभरकर आई है वो है अवशिष्ट का आखिर क्या किया जाये?


तो आइये हम जानते है ये समस्या किसानो के सामने कहा से आई और इससे कैसे निजात पाया जाये और सरकारी फाइन से कैसे बचा जाये?

पुराने समय में किसान अपने धान (चावल की फसल) की कटाई मजदूरो के व्दारा हाथो से करवाते थे जिससे चावल (धान) को नीचे से काटा जाता था जिससे चावल का कोई भी अवशिष्ट शेष नहीं रहता था, लेकिन इसकी कटाई में बहुत समय लगता था और पैसा भी ज़्यादा खर्च होता था, और जिससे कभी-कभी धान की फसल को कटवाते-कटवाते गेहू की बुबाई के लिए बहुत लेट हो जाते थे।

समय में बदलाव और मशीनीकरण होने से धीरे धीरे इंसान की जगह मशीनों ने ले ली और इस प्रकार हार्वेस्टर के व्दारा कटाई की जाने लगी और गेहू की फसल की टाइम पर बुबाई होने लगी, लेकिन कटाई के दौरान चावल के पौधे का शेष भाग अवशिष्ट (पराली) के रूप में बचने लगा। लेकिन हार्वेस्टर चावल (धान ) की फसल का ऊपरी हिस्सा को काटता है जिससे खेत में चावल का अवशिष्ट रह जाता है इस अवशिष्ट से निजात पाने के लिए किसानो ने खेतो में जलाना शुरु कर दिया और अब इस अवशिष्ट  को जलाने पर जो धुँआ निकलता है वो हमारे पर्यावरण, मनुष्य और जानवरो के लिए नुकशान दायक तो होता ही है, लेकिन इसके साथ साथ यह मिटटी की उर्वरक छमता को भी कम कर देता है| इन अवशिष्टों को जलाना न पड़े इस समस्या से निजात पाने के लिए पंजाब के कृषि विश्वविद्यालय एव कृषि क्षेत्र में कार्यरत कृषि अनुसंधान के प्रयास से happy Seeder नामक मशीन का निर्माण किया गया जो चावल के बचे हुए अवशिष्ट की समस्या से निजात दिलाती है।


हैप्पी सीडर कैसे काम करता है और इससे क्या-क्या फायदे हो सकते है?

इस मशीन में दो इकाई होती है भूसा इकाई और दूसरी बुबाई इकाई, हैप्पी सीडर (Happy Seeder) से चावल के खडे अवशिष्ट की कटाई और साथ ही इस अवशिष्ट को इस मशीन के व्दारा खेत में ही खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है ,और यह खेत के सतह पर गीली घास के रूप में अवशेष शेष रह जाता है और यह अवशेष मिटटी की उर्वरक छमता को भी बड़ा देता है।
बीज पंक्ति पर अवशिष्ट के भार को कम करने के लिए अवशिष्ट प्रबंध रोटर से चावल की ख़ड़ी अवशिष्ट को 7.5 से.मी. पर काटने और बीज को 12.5 से.मी. के दो लाइन में छोड़ने के लिए बनाया गया है, इसको 45HP के ट्रेक्टर के PTO व्दारा संचालित किया जा सकता है और इससे एक घंटे में 0.2 से 0.3 प्रति हैक्टेयर खेत की वुबाए की जा सकती है।
इस हैप्पी सीडर का प्रयोग करने से किसानो को गेहू की फसल में एक से दो पानी की सिचाई कम करना पड़ेगी और गेहू की फसल की गिरने की समस्या को काम कर देती है और इस मशीन का प्रयोग करने से खरपतवार की समस्या कम हो जाती है।




अब बात करते है किसान भाइयो व्दारा इस मशीन को खरीदने की!


भारत का हर एक किसान इस मशीन को खरीदने में सक्षम नहीं है, क्योंकि काफी किसान गरीब होने के कारण इसको खरीदने में बहुत मुश्किल हो जाती है। तो इसमें सरकार को किसानो की मदद करनी चाहिए जैसे की हैप्पी सीडर मशीन जो किसान खरीदना चाहता है तो उसके लिए कुछ अनुदान या सब्सिडी देंना चाहिए या फिर सरकार व्दारा खोले गए कस्टम हायरिंग सेंटर पर इस मशीन को उपलब्ध करा देना चाहिए जिससे किसान आसानी से अपना काम कर सके। और किसानो को जागरूक करने लिए जगह-जगह पर कैंपेन चलाना चाहिए और किसानो को इससे होने वाला फायदा बताना चाहिए और इसका प्रयोग करने के लिए प्रेरित करना चाहिए जिससे किसानो को फायदा हो सके और कम पैसा खर्च करना पड़े और हमारे पर्यावरण को प्रदुषण से बचाया जा सके।  जिससे किसान इस नई तकनीक को अपनाये और इस नई तकनीक के बारे में जागरूक हो जाये, इस समय में यह उपकरण इतना प्रभावी हो रहा है की किसान समुदाय के लिए वरदान साबित हो सकता है।

 

Read More

 कृषि के क्षेत्र में ये हैं भारत के टॉप 11 राज्य!       

कृषि के क्षेत्र में ये हैं भारत के टॉप 11 राज्य!.                                                   

  Read More  

 जानें भारत में कृषि के लिए इस्तेमाल किए जानें वाले टॉप इंप्लीमेंट कौनसे हैं?       

जानें भारत में कृषि के लिए इस्तेमाल किए जानें वाले टॉप इंप्लीमेंट कौनसे हैं?        

Read More  

 बेस्ट कल्टीवेटर इन इंडिया 2021: विशेषता, कीमत व सब्सिडी की पूरी जानकारी।       

बेस्ट कल्टीवेटर इन इंडिया 2021: विशेषता, कीमत व सब्सिडी की पूरी जानकारी।

Read More

Write Comment About Blog.

Enter your review about the blog through the form below.



Customer Reviews

Record Not Found

Popular Posts

https://images.tractorgyan.com/uploads/26580/62be7864acd16_escorrs.jpg

Escorts Agri Machinery sold 10,051 tractors in June 2022

Faridabad, July 1st, 2022: Escorts Kubota Limited Agri Machinery Segment (EAM) in June 2022 sold 10,...

https://images.tractorgyan.com/uploads/26584/62bebb5d5d57d_vst-(1).jpg

VST sold 589 Tractors and 3769 Power Tillers in June'22

Due to its accuracy and capacity to satisfy customers by keeping up with cutting-edge technologies a...

https://images.tractorgyan.com/uploads/26585/62bed98ca19a4_mahindra.jpg

Mahindra Sells 39825 tractors In India During June 2022

Mumbai, July 1, 2022: Mahindra & Mahindra Ltd.’s Farm Equipment Sector (FES), part of the...

tractorgyan offeringsTractorGyan Offerings

POPULAR SECOND HAND TRACTORSPopular Second hand Tractors

LOCATE TRACTOR DEALERS/SHOWROOMLocate Tractor Dealers/Showroom