Tractor Gyan Blog

Home| All Blogs| क्या है ये कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, जिस पर मचा हुआ है इतना बवाल।
SHARE THIS

क्या है ये कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, जिस पर मचा हुआ है इतना बवाल।

    क्या है ये कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, जिस पर मचा हुआ है इतना बवाल।

22 Sep, 2020

हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा 3 कृषि विधेयकों को पारित किया गया, जिसको लेकर किसान आंदोलित है और पूरा विपक्ष सरकार का विरोध कर रहा है। विधेयकों में सरकार द्वारा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने की बात की गई है, जिसके सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर अब बड़ी चर्चा हो रही है। इस लिए हम बात कर रहें कि ये कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग आखिर क्या है? इसके फायदे क्या है और भारतीय परिपेक्ष में इसमें क्या कमिया देखी जा सकती है।

 

क्या है कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग (अनुबंध कृषि)?

अनुबंध खेती को एक खरीदार और किसानों के बीच एक समझौते के अनुसार किए गए कृषि उत्पादन के रूप में समझा जा सकता है, जो एक कृषि उत्पाद या उत्पादों के उत्पादन और विपणन के लिए कुछ सर्तों के आधार पर होता है। आमतौर पर, किसान एक विशिष्ट कृषि उत्पाद की तय मात्रा प्रदान करने के लिए सहमत होता है। इन्हें क्रेता के गुणवत्ता मानकों को पूरा करना चाहिए और क्रेता द्वारा निर्धारित समय पर आपूर्ति की जानी चाहिए। बदले में, खरीदार उत्पाद खरीदने के लिए और कुछ मामलों में, उत्पादन का समर्थन करने के लिए, उदाहरण के लिए, खेत आदानों की आपूर्ति, भूमि की तैयारी और तकनीकी सलाह का प्रावधान करता है।

भारत में जहां ज्यादातर किसानों के पास छोटी खेत होते है, ऐसे में अनुबंध कृषि के लिए किसान एक समूह बनाकर किसी निजी कंपनी से उत्पादन का समझौता कर सकते है। सरकार के नए नियमों में कहा गया है अनुबंध के दौरान भूमि पर मालिकाना अधिकार किसान का होगा, किसान को ऋण व बीमा भी मिलता रहेगा और निजी क्रेता की जिम्मेदारी होगी कि वह किसानों को उन्नत तकनीक की सहायता किसानों को प्रदान करे।

 

क्या होगा फायदा?

सरकार की माने तो इससे किसानों को विपणन के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय बढ़ेगी। वैसे विदेशों में इस तरह की खेती होती रही है और इससे कई लाभ भी हुए है। भारत में भी इससे कृषि क्षेत्र अधिक सुधार होने की गुंजाइश है।

भारत में ज्यादा तर लघु व सीमांत किसान है, किसानों के एक बड़े हिस्से के पास कृषि योग्य भूमि का एक छोटा हिस्सा है।

इस परिस्थिति में किसान उन्नत तकनीक के यंत्र व खाद आदि नहीं खरीद पाते है जिससे उनकी पैदावार अच्छी नहीं होती है। इसके अलावा छोटे क्षेत्र में किसान की पूरी फसल बर्बाद होने की संभावना होती है और उसे बड़ा आर्थिक नुकसान होता है।

अगर किसान समूह में क्रेता से समझौता कर खेती करेंगे तो वे तकनीकी रूप से मजबूत रहेंगे और उनका उत्पादन बढ़ेगा। किसानों समूह में कृषि करेंगे तो उनका फायदा और नुकसान भी सब में बराबर बटेगा।

अनुबंध कृषि का सबसे बड़ा फायदा यह बताया जा रहा कि इससे निजी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वो उत्पादन के ज्यादा दाम और किसानों के हित में शर्तें तय करेंगे, ऐसे में जाहिर तौर पर किसानों की जीवन शैली में बदलाव आएगा और देश भर में कृषि क्षेत्र तरक्की करेगा।

 

भारत में अनुबंध खेती में क्या है वाधाएं?

भारत में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की बात शायद नई लगे पर इसका सपना बहुत पहले भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू देख चुके। जब पंडित नेहरू रूस में इस तरह की खेती देख कर आए थे उन्होंने भारत में भी ऐसा कुछ करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर उस समय के प्रमुख किसान नेता चौधरी चरण सिंह जो आगे चलकर भारत के प्रधानमंत्री भी बने, ने इसका पूरा विरोध किया था। चौधरी जी ने 1 घंटे तक भाषण देते हुए कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के नुकसान बताए और समूह में कृषि को भारतीय परिपेक्ष में अनुपयुक्त बताया।

जमीनी स्तर पर जहां आए दिन ग्रामीणों में छोटी छोटी बातों को लेकर विवाद होते है, वहां क्या शांतिपूर्वक कृषि और अनुबंध की शर्तें तय होना मुमकिन है?

सामूहिक कृषि शायद तब तक उपयुक्त नहीं जब तक भारतीय किसानों की शैक्षणिक व माली हालत नहीं सुधरती।

इसके बाद अनुबंध कृषि में भी यह संभावना जताई जा रही है कि इससे किसान निजी पूंजीपतियों के गुलाम बन जाएंगे। यह बात शायद लोगों को अतिशयोक्ति लगेगी पर इसकी पूरी संभावना है कि अगर कोई निजी कंपनी किसानों को धोका देती है तो आज किसानों की यह हालत नहीं की वे उनके खिलाफ आवाज उठा सके और किसी पूंजीपति के खिलाफ केस दर्ज करने खर्चा उठा सकें।

 

तो यह थी कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की पूरी व खास जानकारी, इसी तरह की जानकारी के लिए ट्रैक्टर ज्ञान से जुड़े रहे। याद रखें जानकारी आपको शक्तिशाली बनाती है।

 

Read More

 John Deere takes the market by storm by launching 4 Trem-IV (BS-IV) series models today       

John Deere takes the market by storm by launching 4 Trem-IV (BS-IV) series models today

Read More  

 Farmtrac की नई ट्रेक्टर सीरीज PowerMaxx में है जबरदस्त फीचर्स       

Farmtrac की नई ट्रेक्टर सीरीज PowerMaxx में है जबरदस्त फीचर्स                                                   

Read More  

 Gromax Agri Equipment (Trakstar) launches Trakstar DLX tractors In MP       

Gromax Agri Equipment (Trakstar) launches Trakstar DLX tractors In MP                              

Read More

Write Comment About BLog.

Enter your review about the blog through the form below.



Customer Reviews

Record Not Found

blog

https://images.tractorgyan.com/uploads/3906/61e01c1b42cbd_vlog-(2).jpg

Annual tractor production crosses 1 m, exports surpass 1 lakh for the 1st time in 2021

Despite hitting a 20-month low in production and domestic sales in December, the calendar year 2021...

https://images.tractorgyan.com/uploads/3877/61d5672d5049e_fada.jpg

Retail Tractor sales down by 10.32% YoY in December 2021 shows Fada Research

The tractor industry sees a huge and massive difference in the sales figure of Dec 2021 as and when...

https://images.tractorgyan.com/uploads/3876/61d52a715f202_blog.jpg

ITL (Sonalika+Solis) achieves overall tractor sales of 1,05,250 tractors in first 3 Quarter

In a post on Linkedin executive director of International Tractors limited (Sonalika & Solis) Mr...

Tractorgyan Offerings

Popular Second hand Tractors

Locate Tractor Dealers/Showroom