मत्स्य पालन है बहुत लाभदायक, इस तरह करें शुरुआत।
मछली पालन के क्षेत्र में आज हमारे देश में अधिक संभावनाएं देखी जा रही है, इस व्यवसाय की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही है। आज भारत में 60 फीसदी आबादी मछलियों का सेवन करती है, इसके अलावा निर्यात के लिए भी अधिक संभावनाएं है। मछलियों में मौजूद पोषक तत्वों को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग इनका सेवन करते है, ऐसी स्तिथि में मत्स्य पालन किसानों के लिए भी एक लाभदायक व्यवसाय बन जाता है। मूल रूप से दो तरह के मछली पालन होते है - एक सार्वजनिक जल संसाधनों में, जिनके लिए सरकारी टेंडर आदि की प्रक्रिया होती है और दूसरा जो किसान अपने निजी क्षेत्र में करते है।
हम बात कर रहे है किस तरह किसान अपने खेत में निजी तालाब बनाकर मछली पालन से लाभ उठा सकते हैं और इसके लिए हम क्रमबद्ध बिन्दु बता रहे है जिनके आधार पर कोई भी मछली पालन शुरू कर उससे मुनाफा कमा सकता है।
तालाब बनाने के लिए करना होगा निवेश, सरकार देगी अनुदान:-
मछली पालन के लिए सबसे पहले किसान को तलाब बनाना होगा, अगर आप 1 हेक्टेयर भूमि में तालाब बनाना चाहते है तो इसमें लगभग 5 लाख रुपए का खर्चा होगा। मछली पालन में सबसे बड़ा फायदा यह की निवेश की कुल राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार से मिलता है, इसका अर्थ है नीली क्रांति के तहत अनुदान के बाद आपको निवेश का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही अपनी जेब से लगाना होगा।
अगर पुराने तालाब में मछली पालन करें तो तालाब को व्यवस्थित रूप में लाए और अगर नए तालाब बना रहे है तो ये बातें ध्यान में रखें।
- तालाब का निर्माण चिकनी मिट्टी में उपयुक्त होगा, क्योंकि जल धारण की क्षमता चिकनी मिट्टी में अधिक होती है।
- मंडल स्तर पर मत्स्य विभाग द्वारा मिट्टी की जांच फ्री में होती है, वहां जरूर संपर्क करें।
- तालाब में अधिक जलीय पौधे नहीं होने चाहिए, ये मछली की अच्छी उपज के लिए हानिकारक होते हैं।
ये बातें भी है ज़रूरी:-
- एक हेक्टेयर तालाब में 250 ग्राम चूने का प्रयोग बीज डालने के एक महीने पहले करना चाइए।
- तालाब की तैयारी में गोबर खाद का प्रयोग तथा इसके 15 दिन बाद रासायनिक खादों का प्रयोग करें।
- अगर उर्वरकों के नुक़सान से पानी का रंग हरा या नीला हो जाए तो इनका प्रयोग बंद कर दें जब पानी का रंग सामान्य ना हो जाए।
तालाब तैयार करने के बाद एक जरूरी यह भी बात है कि आप सही अनुपात में मछलियों का बीज छोड़े। हमारे देश में मेजर कॉर्प मछली कतला, रेहू और नयन है और विदेशी मछलियों में सिल्वर कॉर्प, ग्रास कॉर्प और कॉमन कॉर्प का पालन मुख्य रूप से होता है। अगर आप इन सभी मछलियों का पालन एक साथ करना चाहते है तो कतला 20%, सिल्वर कॉर्प 10%, रोहू 30%, नयन 15%, कॉमन कॉर्प 15% और ग्रास कॉर्प 10% के अनुपात में होनी चाहिए।
तो ये थी मछली पालन शुरू करने की पूरी जानकारी इसके अलावा मछलियों के खाने और बीमारियों का सही ध्यान रखते है तो आप अच्छी उपज पा सकते है और मत्स्य पालन के व्यवसाय से उम्दा मुनाफा कमा सकते है।
Category
Write Your Comment About मत्स्य पालन है बहुत लाभदायक, इस तरह करें शुरुआत।
.webp&w=1920&q=75)
Top searching blogs about Tractors and Agriculture
26 May 2026
26 May 2026
29 Jul 2025
08 Sep 2025
17 Jun 2026
30 Jul 2025
19 May 2026
01 Jun 2026
15 Jun 2026
30 Jul 2025
09 Feb 2026
19 Mar 2026
18 May 2026
26 Dec 2025








.webp&w=2048&q=75)










.webp&w=2048&q=75)
.webp&w=2048&q=75)




























