Tractor Gyan Blogs

Home| All Blogs| इन फसलों पर सरकार के बढ़ाया समर्थन मूल्य
SHARE THIS

इन फसलों पर सरकार के बढ़ाया समर्थन मूल्य

03 Jun, 2020

केंद्रीय कैबिनेट ने पिछले  सोमवार को आने वाले खरीफ फसल सीजन के लिए  न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में थोड़ा बढ़ाने का किया प्रयाश

केंद्रीय मंत्री मंडल में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कृषि मंत्री ने संवाददाताओं को बताया, ‘कृषि लागत और मूल्य आयोग (MSP) की सिफारिश के आधार पर मंत्रिमंडल ने 14 खरीफ फसलों के MSP बढ़ाने को मंजूरी दी है.
जिसमें  तिलहन, दलहन और कई सारे अनाज की MSP दरें भी बढ़ायी गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया यह फैसला किसानों को  दक्षिण पश्चिम मानसून के आगमन के साथ वे खरीफ की फसलों की बुआई करके अपनी फसल का उचित मूल्य ले सके .


सरकार ने वर्ष 2020-21 के लिये धान की MSP 53 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,868 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया, जो कि पिछले साल 1,815 रुपये प्रति क्विंटल MSP की तुलना में 2.92 फीसदी की बढ़ोत्तरी की हैं।  

जिसमे धान मुख्य खरीफ की फसल है और इसकी बुआई कई राज्यों में शुरू हो चुकी है. अभी तक लगभग 35 लाख हेक्टेयर के रकबे में धान की बुआई की जा चुकी है. मौसम विभाग ने जून से सितंबर के समय होने वाली वर्षा का सामान्य अनुमान लगाया है.
 

कृषि मंत्रालय के अधीन जो संस्था कृषि लागत और मूल्य आयोग तीन तरीके से उत्पादन लागत का आकलन करती है. ये तीन तरीके हैं, मूल्य ए1, मूल्य ए2+FL और मूल्य सी2.नकदी फसलों में इस वर्ष कपास (मध्यम रेशे) का समर्थन मूल्य 260 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 5,515 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया. जबकि यह पिछले साल 5,255 रुपये प्रति क्विंटल था. इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में कपास का  MSP में मात्र 4.95 फीसदी की बढ़ोतरी आकलन किया जायेगा.

वहीं कपास (लंबे रेशे) का समर्थन मूल्य(MSP ) 5,550 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,825 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया.

सरकार का कहना हैं कि धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को फसल लागत पर लगभग  50% लाभ  होगा.

आगे जानकारी देते हुये बताया कि वर्ष 2018-19 में MSP निर्धारित करने का जो नई  रणनीति की घोषणा की थी जिसमे  MSP को लागत के कम से कम डेढ़ गुना  के स्तर पर रखा गया था   इस वर्ष 2020-21 के लिए भी  MSP की घोषणा इसी सिद्धांत के आधार पर की गयी हैं 

हालांकि कृषि मंत्री ने ये नहीं बताया कि वे जिस 50 फीसदी बढ़ोतरी का दावा कर रहे हैं उसका अनुमान दरअसल कम या अधिकतम लागत के आधार पर लगाया गया है.

जबकि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों को C2  लागत पर डेढ़ गुना दाम मिलना चाहिए. C2 की राशि A1   और A 2+FL  के मुकाबले हमेशा ज्यादा रहती  है
क्योंकि C2 का निर्धारण करते वक्त खेती के सभी दंडमापो  जैसे कि खाद, पानी, बीज के मूल्य के साथ-साथ परिवार की मजदूरी, किराये वाली जमीन का किराया, और निश्चित पूंजी पर ब्याज मूल्य भी शामिल किया जाता है.


लेकिन केंद्र सरकार फसलों की MSP बढ़ाते समय C 2 लागत को नहीं जोड़ती है, बल्कि वह  A 2+FL लागत के आधार पर MSP बढ़ाते हैं.

जिसमे  ग्रेड A  (बारीक किस्म के) धान का MSP 1,835 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1,888 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. मंत्री ने कहा कि धान की सामान्य किस्त के उत्पादन की लागत 1,245 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि बारीक किस्त के धान की लागत 1,746 रुपये प्रति क्विंटल है. ये दोनों लागत C2 नहीं बल्कि A 2+FL हैं.

 

अनाजों में बाजरे का प्रति क्विंटल MSP 150 रुपये बढ़ाकर 2,150 रुपये, रागी 145 रुपये बढ़ाकर 3,295 रुपये प्रति क्विंटल तथा मक्के का MSP 90 रुपये बढ़ाकर 1,850 रुपये किया गया है.हालांकि यदि पिछले साल तय की गई MSP के आधार पर तुलना करें तो इस साल बाजरे की MSP में 7.50 फीसदी, रागी में 4.60 फीसदी और मक्के में सिर्फ 5.11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
 

शंकर ज्वार और ज्वार मालदंडी का MSP 70-70 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर क्रमश: 2,620 रुपये और 2,640 रुपये तथा मक्के का 1,850 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया, जो कि पिछले साल की तुलना में मात्र 2.75 फीसदी है.

सरकार का कहना है कि दलहनों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये उड़द का MSP 300 रुपये बढ़ाकर 6000 रुपये, तुअर (अरहर) का 200 रुपये बढ़ाकर6000 रुपये और मूंग का 146 रुपये बढ़ाकर 7,196 रुपये प्रति क्विंटल किया गया. जिसमे पिछले साल की तुलना में उड़द की MSP में 5.26 फीसदी, अरहर में 3.45 फीसदी और मूंग में 2.07 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

कृषिमंत्री जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ने बताया कि केंद्रिय मंत्रिमंडल ने किसानों के लिए ऋण रकम पर ब्याज छूट के लिए अंतिम तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त करने का फैसला लिया है। जिसमे मंत्रिमंडल के इस फैसले से बड़ी संख्या में किसानों को राहत मिलेगी। साथ ही खेती और उससे जुड़े काम के लिए 3 लाख तक के अल्पकालिक कर्ज के भुगतान की अंतिम तारीख भी 31 अगस्त 2020 तक बढ़ाने का फैसला मंत्रिमंडल ने लिया है।


 

Read More

 TAFE launches Massey Service Utsava nationwide service campaign to reach 10 Lakh customers 2021       

TAFE launches Massey Service Utsava nationwide service campaign to reach 10 Lakh customers 2021

Read More  

 CM Inaugurates Odisha Agri Conclave 2021; Emphasis on Farmers’ Income Growth & Agriculture       

CM Inaugurates Odisha Agri Conclave 2021; Emphasis on Farmers’ Income Growth & Agriculture          

Read More  

 Clock is ticking! Why the Baler Price crisis needs an urgent relook?       

Clock is ticking! Why the Baler Price crisis needs an urgent relook?                                                          

Read More

Write Comment About Blog.

Enter your review about the blog through the form below.



Customer Reviews

Record Not Found

Popular Posts

https://images.tractorgyan.com/uploads/26597/62c53ae1f08e8_blog-(11).jpg

How much Horsepower tractor do you need for your farm?

Tractors are an essential farming vehicle for agriculture as it provides ease and assistance for cro...

https://images.tractorgyan.com/uploads/26590/62c3d5e94798f_Retail-Tractor-Sales-Figures-April-2021-(yoy).jpg

Retail Tractor sales up by 9.66 percent YoY in June 2022 shows FADA Research

FADA Sales report for June 2022 is out, and we can say that unlike a recent couple of years, this ye...

https://images.tractorgyan.com/uploads/26588/62c287e20f2b3_blog.jpg

Sonalika sold overall 39,274 tractors highest ever in June'22

In a post on Linkedin Joint Managing Director of International Tractors limited (Sonalika & Soli...

tractorgyan offeringsTractorGyan Offerings

POPULAR SECOND HAND TRACTORSPopular Second hand Tractors

LOCATE TRACTOR DEALERS/SHOWROOMLocate Tractor Dealers/Showroom