फ्लोरीकल्चर का भविष्य उज्ज्वल - अब सरकार देगी 10 लाख रु. तक सहायता
वर्तमान में किसानों का रुझान परंपरागत खेती से हटकर हर्बल खेती और फ्लोरीकल्चर की ओर बढ़ रहा है । इसी कड़ी में सर्वाधिक पसंद की गई खेती में फ्लोरीकल्चर यानी फूलों की खेती भी सम्मिलित है । इसमें आधुनिक तरीकों से सही तरह से खेती करने पर एक लाख से ₹300000 प्रति एकड़ जितना फायदा मिल सकता है ।
फ्लोरीकल्चर उत्पादों में मुख्य रूप से कटे हुए फूल, गमले के पौधे, कटे हुए पन्नी, बीज बल्ब, कंद, जड़ वाले कटिंग और सूखे फूल या पत्तियां शामिल हैं। फ्लोरिकल्चर के लिये महत्वपूर्ण फूलों की कुछ फसलें हैं गुलाब, कार्नेशन, गुलदाउदी, गार्गेरा, हैडिओलस, जिप्सोफिला, लिरिएस्टिस, नेरीन, ऑर्किड, आर्चिलिया, एंथुरीउ, ट्यूलिप और लिली। तो वहीं फूलों की खेती में गेरबेरा, कार्नेशन, आदि किस्मो को हरे घरों में उगाया जाता है।तो वहीं गुलदाउदी, गुलाब, गिलार्डिया, लिली मेरीगोल्ड, एस्टेर, कंद आदि खुले मैदान की फसलें हैं।
सरकार दे रही है सब्सिडी
खास बात है कि अब सरकार भी कुछ सुगंधित फूलों की खेती पर अच्छी खासी सब्सिडी प्रदान कर रही है । इसके अलावा सरकार फूलों की खेती के लिए पॉलीहाउस की स्थापना को भी बढ़ावा दे रही है । पॉलीहाउस के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाता है इस कड़ी में सरकार 3500000 रुपए प्रति एकड़ की लागत वाले पॉलीहाउस पर 50% सब्सिडी देती है । इन पॉलीहाउस में किसान गेरबेरा फूलों समेत बीज रहित ककड़ी , पीली और लाल शिमला मिर्च आदि भी लगा सकते हैं । इनमें लगभग 25000 पौधे प्रति एकड़ के हिसाब से लगाए जाते हैं । गेरबेरा केएक पौधे पर लगभग ₹35 की लागत आती है । 1 साल में यह किस्म लगभग 20 फूल देती है और एक पौधे की उम्र 3 वर्ष होती है ।
ये हैं योजनाएं
वैसे तो आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई बैंक जैसे कई बड़े बैंक फ्लोरीकल्चर के लिए जरूरी ग्रीन हाउस पर सब्सिडी प्रदान करते हैं । पर सरकार ने भी इस पर काफी योजनाएं चला रखी हैं । एनएचबी यानी नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड भारतीय किसानों को अधिकतम 1 से 1200000 रुपए की परियोजना लागत पर 50% सब्सिडी देती है । तो वही गुजरात एग्रो इंडस्टरीज कॉरपोरेशन चार लाख की अधिकतम लिमिट पर बैंक से लिए गए ऋण पर 6% तक की सब्सिडी देती है । इसी कड़ी में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत आप 36 लाख तक की परियोजना लागत पर 50% अनुदान पा सकते हैं । इस सबके अलावा हर राज्य की सरकार स्टेट हॉर्टिकल्चर मिशन के आधार पर 15 से 25% या उससे अधिक की सब्सिडी राज्य के किसानों को प्रदान करती है
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