गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर - चीनी निर्यात पर बैन जानिए क्या होगा असर
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महाराष्ट्र के गन्ना किसानों और शुगर इंडस्ट्री के बीच आजकल एक ही चर्चा है, 'सेंटर द्वारा 30 सितम्बर तक शुगर एक्सपोर्ट पर बैन'। इस खबर ने साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र में गन्ने की खेती करने वाले किसान थोड़े डरे हुए हैं। आइए समझते हैं कि माजरा क्या है।
सेंटर का शुगर एक्सपोर्ट पर बैन
भारत सरकार ने शुगर के एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगा रखी है। सरकार का सोचना है कि पहले अपने देश के लोगों के लिए चीनी सस्ती और पर्याप्त होनी चाहिए। लेकिन महाराष्ट्र, जो देश का 'शुगर बाउल' कहा जाता है, वहां के किसान और मिल मालिक इससे परेशान हैं। उन्हें डर है कि अगर बाहर माल नहीं बिका, तो घरेलू मार्केट में चीनी के दाम गिर जाएंगे।
आखिर एक्सपोर्ट पर बैन क्यों लगा?
मौसम वैज्ञानिकों को डर है कि 'अल नीनो' के प्रभाव से बारिश कम हो सकती है, जिससे अगले सीजन में गन्ने की पैदावार घट सकती है। सरकार चाहती है कि अगर पैदावार कम भी हो, तो देश के पास पर्याप्त स्टॉक बचा रहे।
फिलहाल इथनॉल बनाने के लिए गन्ने के इस्तेमाल के बाद, देश में चीनी का उत्पादन लगभग 280 लाख मैट्रिक टन (lmt) रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा भारत की अपनी सालाना खपत के लगभग बराबर ही है।
जानकारों का कहना है कि अगले सीजन की शुरुआत में चीनी की उपलब्धता काफी 'टाइट' रह सकती है। अभी हमारे पास करीब 50 लाख मैट्रिक टन का ओपनिंग स्टॉक है, जिसे सरकार सुरक्षित रखना चाहती है।
किसानों की चिंता: "पैसे कैसे मिलेंगे?"
किसानों की सबसे बड़ी टेंशन है FRP (Fair and Remunerative Price)। जब चीनी मिलें मुनाफा कमाती हैं, तभी वे किसानों को गन्ने का सही भाव दे पाती हैं। एक्सपोर्ट बंद होने से मिलों के पास स्टॉक जमा हो जाएगा। अगर माल नहीं बिका, तो मिलों के पास कैश की कमी होगी और नतीजा, किसानों का पेमेंट लटक सकता है। कोल्हापुर जैसे इलाकों में, जहां पूरी इकॉनमी गन्ने पर टिकी है, वहां यह एक बड़ा संकट बन सकता है।
आगे की राह: बीच का रास्ता?
किसान संगठनों की मांग है कि सरकार को कम से कम एक सीमित मात्रा में एक्सपोर्ट की अनुमति देनी चाहिए। इससे मार्केट में बैलेंस बना रहेगा। फिलहाल, किसान और इंडस्ट्री दोनों 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं, इस उम्मीद के साथ कि सरकार चुनाव और स्टॉक को देखते हुए जल्द ही कोई राहत भरा फैसला लेगी।
ट्रैक्टर ज्ञान पर भरोसा क्यों करें?
खेती से जुड़ी ऐसी ही सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए ट्रैक्टर ज्ञान एक भरोसेमंद प्लेटफार्म है। यहाँ किसानों को न केवल गवर्नमेंट पॉलिसीस की अपडेट मिलती है, बल्कि खेती को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए सही तकनीक और ट्रैक्टरों की पूरी जानकारी भी दी जाती है।
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