ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर और अन्य कृषि उपकरण होंगे महंगे, कंपनियों ने बढ़ाए दाम
नए वित्त वर्ष 2026–27 की शुरुआत होते ही भारत की प्रमुख ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने कीमतों में बदलाव की घोषणा कर दी है। बढ़ती इनपुट कॉस्ट के चलते कंपनियों को यह फैसला लेना पड़ा है, जिसका सीधा असर किसानों और इससे जुड़े व्यापारियों पर पड़ेगा।
सबसे पहले एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने प्रेस नोट जारी कर कीमतों में संशोधन की जानकारी दी। इसके बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा फार्म इक्विपमेंट सेक्टर ने भी अपने ट्रैक्टरों के दाम बढ़ाने का ऐलान किया। महिंद्रा के इस प्राइस रिवीजन में उसके दोनों प्रमुख ब्रांड (महिंद्रा और स्वराज) शामिल हैं। हालांकि, इन दोनों की नई कीमतें अलग-अलग तारीखों से लागू होंगी, जिससे डीलर्स और खरीदारों को अपनी प्लानिंग उसी हिसाब से करनी होगी।
नई कीमतें लागू होने की महत्वपूर्ण तारीखें
कंपनियों द्वारा जारी ऑफिशियल प्रेस रिलीज़ के अनुसार ट्रैक्टरों की नई कीमतें अलग-अलग चरणों में लागू होंगी:
- महिंद्रा ट्रैक्टर्स: महिंद्रा ट्रैक्टरों की कीमतों में बढ़ोतरी 8 अप्रैल 2026 से हो चुकी है।
- एस्कॉर्ट्स कुबोटा: एग्री मशीनरी बिजनेस डिवीजन (जिसमें कुबोटा ब्रांड के ट्रैक्टर भी शामिल हैं) की नई कीमतें 15 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
- स्वराज ट्रैक्टर्स: स्वराज ट्रैक्टरों की रिवाइज्ड प्राइसिंग 21 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी।
कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी मॉडलों की कीमतों में एक जैसी बढ़ोतरी नहीं होगी। ट्रैक्टर के मॉडल, हॉर्सपावर और टैक्टर बेचे जाने वाले राज्य के अनुसार कीमतों में बदलाव हो सकता है।
एग्रीकल्चरल इम्प्लीमेंट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी
सिर्फ ट्रैक्टर ही नहीं, बल्कि कई जरूरी एग्रीकल्चरल इम्प्लीमेंट्स भी इस प्राइस हाइक से अछूते नहीं हैं। रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, स्प्रेयर जैसे उपकरण फसलों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
लेकिन कच्चे माल और मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण इनकी कीमतों में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यह बढ़ोतरी भले ही सीमित हो, लेकिन बल्क में खरीद करने वाले डीलर्स और किसानों के लिए इसका असर साफ दिखेगा।
विभिन्न इम्प्लीमेंट्स की अनुमानित बढ़ोतरी
| इम्प्लीमेंट | अनुमानित कीमत बढ़ोतरी |
|---|---|
| रोटावेटर (रेगुलर) | 5% |
| मिनी रोटावेटर | 8% |
| सीड ड्रिल | 10% |
| ट्रैक्टर माउंटेड कंबाइन हार्वेस्टर (TMCH) | 3% – 10% |
| लोडर/डोज़र | 5% |
| थ्रेशर | 8% |
| कल्टीवेटर | 8%-10% |
| एमबी प्लाऊ | 6% |
| बेलर | 5% |
| न्यूमैटिक प्लांटर | 4% |
| स्प्रेयर | 8%-10% |
कीमत बढ़ने की मुख्य वजह: बढ़ती इनपुट कॉस्ट
ट्रैक्टर्स और इम्प्लीमेंट्स की कीमत में इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह रॉ मैटीरियल्स की बढ़ती कीमतें हैं। हाल के महीनों में स्टील, लोहा और रबर जैसे प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। ये सभी सामग्री ट्रैक्टर और फार्म इक्विपमेंट्स बनाने में बड़े पैमाने पर उपयोग होती हैं। ऐसे में जब इनकी कीमतें बढ़ती हैं, तो मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट भी काफी बढ़ जाती है।
आमतौर पर कंपनियां कच्चे माल की कीमतों में होने वाले छोटे-मोटे बदलाव को खुद हैंडल करने की कोशिश करती हैं, लेकिन इस बार इंडस्ट्रियल इनपुट्स की लागत इतनी बढ़ गई है कि कंपनियों को उसका कुछ हिस्सा ग्राहकों के साथ शेयर करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से इन मशीनों की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
खेती, किसानों और ट्रैक्टर मार्केट पर इसका असर
यह प्राइस हाइक ऐसे समय में आया है जब भारतीय ट्रैक्टर इंडस्ट्री ने हाल ही में एक ही फाइनेंशियल ईयर में 10 लाख से ज्यादा ट्रैक्टर्स सेल किए हैं। नई कीमतों के कारण आने वाले खरीफ सीजन में ट्रैक्टर खरीदने वाले किसानों को थोड़ा अधिक खर्च करना पड़ सकता है। वहीं, डीलर्स के लिए भी प्राइसिंग स्ट्रेटजी और इन्वेंटरी प्लानिंग पहले से ज्यादा अहम हो जाएगी।
हालांकि इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके बावजूद भी ट्रैक्टर्स और इम्प्लीमेंट्स की डिमांड मजबूत बनी रहेगी। इसका कारण बेहतर मानसून फोरकास्ट और सरकार द्वारा ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता ध्यान है।
कैटेगरी
और ब्लॉग पढ़ें
India: Tractors and Farm Equipment Limited (TAFE), one of the world’s largest tractor manufacturers, inaugurated its adaptive research centre, TAFE JFarm Rajasthan, at Bhawani Mandi on 2nd April 2026, reiterating its commitment to driving farm productivity and farmer prosperity through sharing...
जब बात भरोसेमंद और ताकतवर ट्रैक्टरों की आती है, तो 'स्वराज' का नाम सबसे पहले जुबां पर आता है। खेती-बाड़ी के कामों को आसान बनाने के लिए स्वराज ने हमेशा से ही दमदार मशीनें बनाई हैं। आज हम बात करेंगे एक ऐसे...
As the new fiscal year starts, the top tractor manufacturers in India are adjusting their pricing structures. Escorts Kubota, through a regulatory filing, has first of all announced a significant price revision for its tractors.
Mahindra & Mahindra's Farm Equipment Sector has also...
इसके बारे में अपनी टिप्पणी लिखें ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर और अन्य कृषि उपकरण होंगे महंगे, कंपनियों ने बढ़ाए दाम
.webp&w=1920&q=75)
ट्रैक्टर और कृषि से जुड़े सबसे अधिक खोजे जाने वाले ब्लॉग्स
07 Jan 2026
18 Dec 2025
29 Jul 2025
08 Sep 2025
03 Jul 2025
30 Jul 2025
30 Jul 2025
30 Jul 2025
29 Jul 2025
30 Jul 2025
09 Feb 2026
19 Mar 2026
18 Dec 2025
26 Dec 2025












Career






_small.webp&w=256&q=75)










_small.webp&w=256&q=75)































_small.webp&w=256&q=75)


_small.webp&w=256&q=75)



























.webp&w=2048&q=75)










.webp&w=2048&q=75)
.webp&w=2048&q=75)




























