राजस्थान में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लागू हुआ नया नियम
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राजस्थान के किसान भाईयों और ट्रैक्टर मालिकों के लिए एक बड़ी और ज़रूरी खबर है। सरकार ने नियमों में एक बड़ा फेरबदल किया है। अब आप खेती के नाम पर रजिस्टर्ड ट्रॉली से कमर्शियल माल नहीं ढो पाएंगे।
अगर ऐसा करते हुए पकड़े गए, तो विभाग गाड़ी जब्त करने और कानूनी कार्रवाई करने के लिए बिल्कुल तैयार बैठा है। चलिए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और इससे आप पर क्या असर पड़ेगा।
कमर्शियल काम के लिए अब अलग से रजिस्ट्रेशन ज़रूरी
राजस्थान में यह बहुत आम बात है कि जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली से सुबह खेत में खाद या फसल ढोई जा रही है, उसी से दोपहर में ईंट, बजरी, रेत, पत्थर या कंस्ट्रक्शन का दूसरा सामान सप्लाई होने लगता है। अब तक तो यह सब चल रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
परिवहन विभाग ने साफ़ कर दिया है कि अगर ट्रॉली का इस्तेमाल किसी भी तरह के बिजनेस के लिए हो रहा है, तो उसका कमर्शियल रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। अगर बिना इसके किसी ने कमर्शियल ढुलाई की, तो गाड़ी सीधे थाने जाएगी और तगड़ा जुर्माना लगेगा।
सुप्रीम कोर्ट का सीधा आदेश
यह सख्ती असल में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बढ़ी है। कोर्ट ने अवैध माइनिंग और बिना सही कागज़ात के होने वाले परिवहन पर लगाम लगाने के लिए साफ़ कहा था कि किसी भी गाड़ी की कैटेगरी इस बात से तय होगी कि उसका एक्चुअल उपयोग क्या हो रहा है, न कि सिर्फ इस बात से कि कागज़ पर क्या लिखा है।
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नए नियमों के तहत क्या-क्या बदल जाएगा?
अगर आप अपनी ट्रॉली का इस्तेमाल कमर्शियल कामों के लिए करते हैं, तो अब आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा:
- आपका ट्रैक्टर तो खेती की कैटेगरी में ही रहेगा, लेकिन ट्रॉली का रजिस्ट्रेशन कमर्शियल सीरीज में अलग से कराना होगा। इसके लिए आपको आरटीओ में कैटेगरी बदलने की एप्लीकेशन देना होगा।
- बहुत सी पुरानी ट्रॉलियों पर चेसिस नंबर नहीं होता। ऐसे में घबराने की बात नहीं है, परिवहन अधिकारी खुद आपकी ट्रॉली के लिए एक यूनिक आईडी जारी करेंगे।
- अब आपकी ट्रॉली पर उस ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर साफ़-साफ़ लिखा होना चाहिए, जिससे उसे जोड़ा गया है।
टैक्स, फिटनेस और लाइसेंस से जुड़ें नियम
कमर्शियल ट्रॉली होते ही कुछ नियम बदल जाएंगे, जिन्हें जान लेना बेहद ज़रूरी है:
- एक राहत की बात यह है कि इस कमर्शियल ट्रॉली के लिए आपको कोई अलग से रूट परमिट लेने की ज़रूरत नहीं होगी।
- ऐसी ट्रैक्टर-ट्रॉली को चलाने के लिए ड्राइवर के पास कम से कम LMV (लाइट मोटर व्हीकल) लाइसेंस होना अनिवार्य है।
- चूंकि अब आप इससे बिजनेस करेंगे, इसलिए इस पर मोटर व्हीकल टैक्स और ग्रीन टैक्स भी लागू होगा।
- परमिट भले न लगे, लेकिन गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट समय-समय पर लेना एकदम ज़रूरी रहेगा।
तो अब आपको क्या करना चाहिए?
अगर आप अपनी गाड़ी से भाड़े पर ईंट, पत्थर, बजरी या दूसरा कमर्शियल सामान ढोने का काम करते हैं, तो समझदारी इसी में है कि समय रहते आरटीओ जाकर अपनी ट्रॉली का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन करवा लें।
आने वाले दिनों में राजस्थान परिवहन विभाग सड़कों पर चेकिंग और जांच अभियान बहुत तेज करने वाला है, इसलिए नियम के साथ चलना ही सबसे सुरक्षित है।
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