इतिहास के पन्नों को टटोलना काफी रोमांचकारी होता है। और इसी रोमांच का अनुभव हम आपको अभी करवाने जा रहे हैं। आज हम यह पता लगाने वाले हैं कि गणतंत्र और ट्रैक्टर का रिश्ता कितना पुराना है। तो जल्दी से बैठ जाइए
नमस्कार किसान भाइयों! ट्रैक्टरज्ञान में एक बार फिर से आपका स्वागत है। "सारे हंसी वायदे है बस कागजों पर, कोई जमीं पर उतरे तो बताना। अफवाहों से भरा पड़ा है गूगल- ए - आजम, कोई ' ट्रैक्टर ' सा चले तो बताना!"
एस्कॉर्ट भारत में पहली ऐसी कंपनी बन गई है जिसने इलेक्ट्रिक ड्राइव ट्रेन के साथ इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर बेचने के लिए भी नियामक नोड प्राप्त कर लिया है। एस्कॉर्टस के इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों को केंद्रीय मोटर वाहन नियमों का प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया
डीजल पेट्रोल के दाम दिन- ब -दिन बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन किसानों की आय वही पर रुकी हुई है। एक तरफ डीजल के दाम चीते की रफ्तार से आगे बढ़ रहें हैं तो दूसरी तरफ किसानों की आमदनी कछुए की चाल
Ace इन्वेस्टर राकेश झुनझुनवाला ने पिछले 10 महीनों में शेयर की कीमत दोगुने से अधिक होने के बाद ट्रैक्टर निर्माता एस्कॉर्ट्स में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचकर मुनाफा कमाया। ग्रामीण भारत की मजबूत मांग की बदौलत एस्कॉर्ट्स ने महामारी के दौरान
नए कृषि कानूनों और किसानों के प्रदर्शन को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई. कोर्ट ने आज तीनों कानूनों पर रोक लगाने का फैसला किया. आज CJI ने कड़े शब्दों में कहा कि यह कोई
पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान एमएस धोनी ने संयुक्त अरब अमीरात में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के साथ 2019 आईसीसी विश्व कप के बाद शानदार क्रिकेट से अपनी क्रिकेट की वापसी को चिह्नित किया। अब, प्रतिष्ठित क्रिकेटर रांची में अपने फार्महाउस
जहां कार और दोपहिया वाहनों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई, वहीं ट्रैक्टर की बिक्री 2019 की तुलना में 2020 में 16% की वृद्धि दर्ज की गई। हार्वेस्टर की बिक्री में तीन अंकों की उछाल देखी गई। अधिकारियों ने कहा कि
सरकार ने कीटनाशकों पर लगाया प्रतिबंध, मानव स्वास्थ्य के लिए माना घातक देश में हरित क्रांति के बाद खेती में उर्वरक और कीटनाशकों का प्रयोग बढ़ा है। उर्वरक और कीटनाशकों के प्रयोग से जहां देश खाद्यान्न उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर हुआ
ट्रैक्टरों पर जातिसूचक स्टीकर लगाना आजकल फैशन बनता जा रहा है। खासकर, उत्तर प्रदेश में यह चलन तेजी से बढ़ रहा है। सड़क पर चलते हुए आपकी नजरें ऐसी वाहनों और ट्रैक्टरों से जरूर टकरा जाएंगी जिन पर जातिगत स्टीकर जैसे, क्षत्रीय,