सरकार द्वारा किसानों के लिए कृषि का कार्य आसान बनाने हेतु कई तरह की सब्सिडी प्रदान की जाती है। अब खेती की तैयारी करने से लेकर फसलों की कटाई करने तक का काम आधुनिक कृषि यंत्र से किया जा रहा है। लेकिन
आधुनिक कृषि उपकरणों से किसानों को खेती करने में बहुत आसानी हो रही है। कृषि उपकरण इतने आधुनिक हो गए है जिससे की किसान का कार्य आसान हो गया हैं और इन उपकरणों से किसानों का पैसा, समय और श्रम तीनों ही
सरकार किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं लेकर आती हैं जिससे कि किसानों का कृषि कार्य सरल और कम समय में पूर्ण हो सके। इसी को देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना बनाई है। इस योजना में किसानों को
पीएम फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) 2022 भारत किसानों का देश है जहां ग्रामीण आबादी का अधिकतम अनुपात कृषि पर आश्रित है। माननीय प्रधानमंत्री ने 13 जनवरी 2016 को एक नई योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) का अनावरण
दुनिया के लिए भले ही यह नई तकनीक हो, लेकिन देश में परंपरागत रूप से जैविक खाद पर आधारित खेती होती आई है। जैविक खाद का इस्तेमाल करना देश में परंपरागत रूप से होता रहा है। भारत में जैविक खेती की परंपरा
सरकार देश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए सरकार की और से पशुपालक किसान जो डेयरी खोलना चाहते हैं उनके लिए एक ख़ास योजना चला रखी है। इस योजना का
खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों (Farming Equipment) की महत्ता बढ़ती ही जा रही है। उत्पादन बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि यंत्रों की श्रृंखला में ड्रोन को
केंद्र सरकार किसानों के लिए हर बार नई-नई योजनाएं लेकर आती है. जिससे किसानों को काफी फायदा पहुंचता है. वहीं पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojna) के तहत भी केंद्र सरकार ने किसानों को काफी राहत पहुंचाई है.
किसानों को खेती के लिए उर्वरक और खाद की जरूरत होती है. जिसके लिए किसानों को मोटी रकम चुकानी होती है. भारत में खाद और उर्वरकों के दाम बढ़ गए है. किसानों पर आर्थिक बोझ ना पड़े और खरीफ के सीजन में
बढ़ते डीजल पेट्रोल के दाम की वजह से किसानों के फसल उत्पादन के दाम में भी वृद्धि हुई है. सिंचाई के लिए पम्प में डीजल और पेट्रोल भरने के लिए पड़ने वाली लागत अधिक होती है जिससे किसान को भारी मात्रा में